.और सुधीर त्रिपाठी के सोनौली पहुंचते ही नगरपंचायत को मिल गई बिजली

...और सुधीर त्रिपाठी के सोनौली पहुंचते ही नगरपंचायत को मिल गई बिजली
आई एन न्यूज सोनोैली डेस्क:
अंतरराष्ट्रीय महत्व के सोनौली नगर पंचायत में पिछले 48 घंटे से गुल बिजली को लेकर जहां एक तरफ हाहाकार मचा हुआ है वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग इस उमस भरी गर्मी में 24 और घंटे बिजली नहीं देने में अपना हाथ खड़ा कर लिया था। किंतु सुधीर त्रिपाठी अध्यक्ष नगर पंचायत सोनौली के अथक प्रयास से नगर पंचायत सोनौली को अब कुछ ही क्षणों में बिजली मिल  गई।
खबरों के मुताबिक 48 घंटे से सोनौली नगर पंचायत में बिजली गुल होने से लोग इस उमस भरी गर्मी में परेशान रहे । बताया गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में 48 घंटे बिजली गुल होने की खबर जैसे ही सुधीर त्रिपाठी को मिली वह बेचैन हो गए और उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों का चैन छीनना शुरू कर दिया। उनके अथक प्रयास से बिजली का इनकमिंग फीडर किसी तरह ठीक हुआ किन्तु बिजली की सप्लाई होते  ही सोनौली पावर हाउस से ट्रांसफार्मर जल गया। बिजली विभाग के अधिकारियो ने फिर से 24 घंटे बिजली देने में असमर्थता जाहिर की और अपने हाथ खड़ा कर लिए। जेई ने कहां कि जब तक नए ट्रांसफार्मर नहीं आ जाता तब तक बिजली सप्लाई नहीं दिया जा सकता है इसके लिए कम से कम 24 घंटे का समय चहिए । किंतु नगर पंचायत के लोगों की परेशानी को देखते हुए सुधीर त्रिपाठी ने उन्हें हर तरह का सहयोग का आश्वासन देकर बिजली विभाग को नगर पंचायत सोनौली का मोबाइल ट्रांसफार्मर तत्काल उपलब्ध कराया और कहां कि किसी भी दशा में जनता को बिजली आज ही मिलनी चहिए।
बता दें कि सुधीर त्रिपाठी इस समय नगर पंचायत के कार्य क्षेत्र से बाहर गए हुए थे उसके बावजूद उन्होंने बिजली विभाग की समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया और नगर पंचायत की जनता को अपने नगर में पहुंचते ही बिजली उपलब्ध करा दिया।

 

More from indonepalnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • प्रत्येक विधानसभा की 5 ईवीएम से होगा वीवीपैट का मिलान
  • साफ-सुथरे चुनाव के लिए आयोग ने बनाया जनता को प्रहरी
  • सी विजन एप करें लोड और निर्वाचन आयोग को सीधे करे शिकायत
  • वायु सेना ने पेश किए पाक एफ- 16 मार गिराने के सबूत
  • बच्चे कर रहे हैं लोगों को मतदान के प्रति जागरूक
  • ओडिशा में मलकानगिरी की 6 बूथों पर नक्सली डर से नहीं हुआ मतदान
toggle